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आपकी सफलता केवल इस बात पर निर्भर नहीं करती की आप डी डी कितने लाते हैं, बल्कि इस पर भी निर्भर करती है कि आप आदमी कितने लाते हैं |

मतलब आपकी टीम से कितने लोग लगातार मीटिंग्स में आते रहते हैं और कितने सीनियर टीम एसोसिएट लगातार मीटिंग कंडक्ट करते रहते हैं |
Post on : 7/8/2018 12:43:37 AM
 
अगर आप सोच रहे होगे कि हमारे बिसनेस में क्या बिकता है तो ये कहानी बेचने का बिसनेस है जहा सिनिअर के साथ साथ अपने सफल डाउन लाइन की कहानी अपने टीम से शेयर करे ताकि उनको भी ये अहसास हो आज अगर उनके सिनिअर जहा पहुचे है कल्वो भी वहा जरुर पहुचेगे|  
Post on : 8/31/2015 8:43:25 PM
 
हम करते क्या हैं ?

इस सवाल जवाब जानना बहुत आवश्यक होता है | अधिकाँश एसोसियेट यही नहीं समझ पाते हैं की हम करते क्या हैं | हम करते हैं "नेटवर्क मार्केटिंग" जिसमें सबसे महत्वपूर्ण शब्द है "मार्केटिंग" |

सबसे पहले हम अपने प्लान और प्रोडक्ट की मार्केटिंग शुरू करते हैं, जिससे हमारे साथ शुरुवाती टीम के लोग जुड़ना शुरू हो जाते हैं | उसके बाद हम शुरू करते हैं नेटवर्क को मार्केटिंग सिखाने का काम | और अंतत: हम नेटवर्क के साथ मिल कर करते हैं "नेटवर्क मार्केटिंग" |

इसमें समस्या तब आनी शुरू होती है जब लोग नेटवर्क पहले बनाना चाहते हैं और मार्केटिंग पर ध्यान नहीं दे पाते |

मार्केटिंग किस किस की ?

हम हमारे प्लान की मार्केटिंग से शुरुवात करते हैं जिसमें प्रोडक्ट की मार्केटिंग भी शामिल होती है | इसके पश्चात हम नेटवर्क में नेटवर्क की उपलब्धियों कंपनी की उपलब्धयों की मार्केटिग शुरू करते हैं | इसमें हमारे सीनियर की सफलता के किस्से उनके स्ट्रगल उनकी कही बातें उनके अचीवमेंट की मार्केटिंग शामिल होती है | इसके अलावा हम अपने सिस्टम और कंपनी की भी मार्केटिंग करते हैं जिससे हमारे बिजनेस के प्रति लोगों का नजरिया सकारात्मक होने लगता है | हम समय समय पर अपने सपने बता कर और उन्हें पूरा कर अपनी भी मार्केटिंग करते हैं |

जब हम मार्केटिंग का काम पुरी इमानदारी से करते हैं तब हम पाते हैं की हमें देख देख कर हमारे साथ आये लोग भी हमारा अनुसरण कर वैसे ही आगे बड़ते जा रहे होते हैं और अंतत: हम नेटवर्क मार्केटिंग रूपी बिजनेस को खडा कर लेते हैं और उसके आश्चर्यजनक परिणामों का सुख लेने लगते हैं |

इसमें गलती तब होती है जब कोइ एसोसियेट मार्केटिंग करने की जगह स्वयं के प्रचार में लग जाता है या वो मूल व्यवसाय "मार्केटिंग" को भूल कर दुसरे रास्ते पर चलने लगता है |

मार्केटिंग और सेल्समैन दोनों में फर्क होता है और इस फर्क को समझना आवश्यक है अन्यथा एसोसियेट यह समझ लेते हैं की मार्केटिंग का अर्थ है सेल्समैन बनना | जबकि मार्केटिंग शब्द पर आप ध्यान दें तो आपको पता चलेगा की पुरी दुनिया मार्केटिंग से ही चल रही है | जैसे सारे बड़े बड़े फिल्म कलाकार किसी ना किसी कम्पनी की मार्केटिंग करते रहते हैं | जब हमारे यहाँ चुनाव होता है तो उम्मीदवार अपनी और अपने कामों की मार्केटिंग कर रहा होता है | कॉलेज कोचिंग सेंटर रेस्टोरेंट लगभग हर कोइ मार्केटिंग के काम से लाभ कमा रहे हैं | आप भी लगभग हर समय किसी ना किसी मार्केटिंग के काम में व्यस्त रहते हैं | जैसे परिवार के साथ हैं तो कौन सही है कौन गलत है क्या सही है क्या गलत है इत्यादि इत्यादि | जब मार्केटिंग सफलता पूर्वक की जाती है तब सेल्समेन आराम से जाकर सेल निकाल लेता है | जैसे आप ध्यान दीजिये की आप ब्रांडेड सामानों को खरीदते समय सेल्समेन पर नहीं ब्रांड पर ध्यान देते हैं और ब्रांड स्थापित होता है मार्केटिंग से | और आप यह भी ध्यान रखिये की मार्केटिंग हर कोइ करता है बस आपको इस बिजनेस में इसी काम को सिस्टम के अनुरूप और सिस्टम के साथ करना होता है |

मार्केटिंग में शामिल है प्लान और प्रोडक्ट के विषय में बताना और सिस्टम कंपनी एवं सीनियर को पुरे उत्साह से एडिफाय करना और सिस्टम और कंपनी के द्वारा घोषित एक्टिविटी प्रमोशन का पुरे उत्साह से प्रमोशन करना और इसमें भागीदारी करना |

नेटवर्क जो देखता है वही करता है के सिध्धांत पर कार्य करता है | जैसे ही एसोसियेट मार्केटिंग के अतिरिक्त किसी और दिशा में कदम बढाता है तब वह पाटा है की उसकी बातों और व्यवहार से नेटवर्क भी अपनी दिशा बदल रहा है और अंतत: परिणाम भी उसी प्रकार परिवर्तित हो जाते हैं |

जब तक आप अपने मूल कार्य और मूल लक्ष्य पर केद्रित रहेंगें यह व्यवसाय आपको सफलता के नए नए आयाम देता रहेगा और जिस दिन आप इसके मूल कार्य से हटेंगे आपके परिणाम बदलने शुरू हो जायेंगे |

मूल कार्य :- प्लान और प्रोडक्ट की मार्केटिंग, सिस्टम सीनियर और कम्पनी का एडिफिकेशन, सीनियर सिस्टम कंपनी की उपलब्धियों का प्रचार, कम्पनी सिस्टम द्वारा घोषित प्रमोशन या एक्टिविटी (जैसे ट्रेनिंग, शो इत्यादि) का उथाहपूर्वक प्रचार प्रसार, कंपनी सीनियर सिस्टम को सदैव स्वयं से ऊपर दिखाना और उन पर आस्था रखना |
Post on : 10/13/2014 7:21:30 PM
 
मार्केटिंग का बिजनेस और ताश का खेल :-

आपको पता होगा की एक ताश की गड्डी में हुकुम के कितने एक्के होते हैं ?

केवल "एक"

अगर आप ताश की गड्डी से एक एक करके पत्ते निकालेंगें तो एक बात तो तय है की पहला दूसरा तीसरा ना सही लेकिन बावनवां पत्ता निश्चित हुकुम का एक्का होगा |

इसी तरह आप देखिये की एक साल में कितने रविवार होते हैं ?

कुल 52 ठीक जैसे ताश की गड्डी में कुल पत्ते होते हैं 52

अगर आप हर हफ्ते एक एक इन्वाईटी भी लाते रहेंगें और उसकी इस काम में मदद करते रहेंगें तो और कुछ ना सही आख़िरी हफ्ते हुकुम का एक्का निकल जाएगा |

पूरा बिजनेस खडा करने के लिए यह खेल २ साल खेल लीजिये और देखिये क्या होता है |

इनविटेशन के लिए हमेशा याद रखिये :-

तू नहीं तो और सही 
और नहीं तो और सही
खुदा ने बनायी है
एक हसीना मेरे लिए भी 

आये तो बेस्ट 
वरना नेक्स्ट 

आता है तो वेलकम 
जाता है तो भीड़ कम
Post on : 2/14/2014 10:53:23 AM
 
Followup :- 

फोलोअप करने के लिए हमें पहले यह जानना जरूरी है कि हमारा बिजनेस बोलने से चलता है या सुनने से ? इसी सवाल के जवाब में आपको फोलोअप के गुण और सफलता की जानकारी मिल जायेगी | 

जब भी किसी से फोलोअप के लिए मिलने जाएँ तो आपको बातों में ऐसे सवाल करने चाहिए जिनके जवाब देना प्रोस्पेक्ट को पसंद भी आये और वो जवाब देता चला जाए, और अगर आपने ऐसा कर लिया तो यकीन मानिए ९९% समस्या बात करने से हल हो जाती हैं | इसलिए फोलोअप में एक बात का ध्यान रखना आवश्यक है कि - सवाल ही जवाब हैं | अर्थात आप ऐसे सवाल करने सीख जाएँ जिनके जवाब देने में प्रोस्पेक्ट को मजा आता हो और वो जवाब देते देते खुद ही अपना फोलोअप कर ले | जैसे :- 

आप से मिल कर खुशी हुयी, मुझे आपसे बहुत कुछ जानने मिला, आपने ये सब कहाँ से सिखा ?

आप हमारे बिजनेस के बारें में इतना कैसे जानते हैं ?

आप हमारे बिजनेस के बारें में ऐसा क्यों सोचते हैं ?

आप मान लीजिए हमारे बिजनेस को प्रारम्भ करना चाहें तो किस प्रोडक्ट से करेंगे ?

आप मान लीजिए हमारे बिजनेस को प्रारम्भ करना चाहें तो कब से करेंगे ?

यदि आपको आपके सारे सवालों के जवाब मिल जाएँ तो आप इस बिजनेस में क्या सोचते हैं कि क्या हासिल किया जा सकता है ?

यदि आप इस बिजनेस में सफल हो गए और आपने इतने पैसे कमा लिए फिर आप क्या करने की सोचेंगें ?

--------------- सोचिये ऐसे सवाल जो आप प्रोस्पेक्ट से करें और वो जवाब आपको वो दे जो आप उसे देना चाहते थे
Post on : 12/10/2013 9:25:43 AM
 
FFF Rule :-

        FFF रुल एक ऐसा नियम है जो आपकी पूरी जिंदगी बदल देने की क्षमता रखता है | इस नियम का इस्तेमाल कर आप ना केवल अपने बिजनेस को बड़ा सकते हैं बल्कि अपने दोस्तों रिश्तेदारों परिवार में भी सम्बन्ध भी बढिया बना सकते हैं | आखिर ये FFF रुल है क्या, आईये जानते हैं |

F - Feel
F - Felt
F - Found

        जब भी किसी से बात हो रही हो, इस रुल को फोलो करें | जैसे किसी ने आपसे कोइ ऐसी बात कही जो आपकी जानकारी के अनुसार सही नहीं है, या आपको महसूस होता है कि उसने जो बात कही है वो नकारात्मक है या अन्य किसी भी वजह से आप उसकी बात से सहमत नहीं हो पा रहे हैं, तब इस रुल को फोलो कीजिये - 
सबसे पहले महसूस कीजिये की वो व्यक्ति क्या सोच कर या किस अर्थ में यह कह रहा है, क्योंकी ऐसा होता है कि शब्द का अर्थ बदल जाता है जब परिस्थिती बदलती है, आप कोशिश कीजिये ये जानने की वो व्यक्ति किन परिस्थियों में कहने की कोशिश कर रहा है, उस स्थिती को महसूस कीजिये |
फिर आप खुद को उस स्थिती में रख कर सोचिये की आप उस स्थिती में होते तो आप क्या सोचते |
फिर अपनी बात इस प्रकार रखिये - आपका कहना बिलकुल सही है, मैंने भी ऐसा हे महसूस किया है जो आप कह रहे हैं, लेकिन जब मैंने - देखा या पाया या जाना या समझा या मुझे बताया गया या मैंने सोचा तो पाया कि (फिर अपनी बात या सुझाव बताईये - एक विचार की तरह या सुझाव की तरह, कभी भी निर्णय की तरह अपनी बात ना रखें)

एक बार प्रयास कर देखें कहीं भी कभी भी और आप जान जायेंगे की किसी से बात करना या रिश्ता जोड़ना कितना आसान होता है |
Post on : 12/10/2013 9:11:18 AM
 
सफलता एक निश्चित प्लानिंग और निरंतर उस प्लानिंग पर काम करने का निश्चित परिणाम है |

और यह बिलकुल भी आश्चर्यजनक नहीं होता है | आप इसे आजमा कर देखें | एक बार तीन माह का प्लान बनाएँ, उस प्लान में क्या हासिल करना है और कैसे हासिल करना है निश्चित करें, फिर केवल उस प्लान पर वास्तव में काम करें और टिक लिस्ट मेंटेन करें | टिक लिस्ट मतलब क्या क्या हो गया उसके आगे सही का निशान और जो नहीं हो पाया उसके आगे क्रोस का निशान, और आप देखेंगे कि सफलता जो आपने निर्धारित की थी आपको मिल जायेगी, और आपको आश्चर्य भी नहीं होगा |

आश्चर्य उन्हें होता होता है जो सफलता को संजोग मानते हैं |
Post on : 11/16/2013 2:14:33 PM
 
किसी भी काम में सफल होने के लिए एक सिध्धांत अति महत्वपूर्ण है, हर बार असफल होने पर :- बस एक बार और
Post on : 11/15/2013 3:49:43 PM
 
आप किसी भी बिजनेस में सफल होना चाहते हैं तो जरूरी है कि आप उस बिजनेस में इस्तेमाल होने वाले बेसिक प्रिंसिपल जान लें समझ लें | इसी प्रकार हमारे बिजनेस में भी कुछ बेसिक प्रिंसिपल काम करते हैं, जिन्हें जानना जरूरी है | जैसे :-

1. Law of Averag
2. Law of Attraction
3. Law of Power
4. Law of Justification
5. PPP Funda - "Power", Position", "Paisa"
6. Basic 8 Step
Post on : 11/15/2013 3:46:35 PM
 
यदि आप यह जानना चाहते हैं कि हमारे बिजनेस में सबसे महत्वपूर्ण कोइ एक काम कौन सा है, तो इसका जवाब होगा "मीटिंग्स"

रविवार मीटिंग, शुक्रवार मीटिंग, बुधवार फ्रेशर मीटिंग, प्रोस्पेक्ट मीटिंग, इन्विटेशन मीटिंग, गुरूवार सीनियर और क्लोजिंग मीटिंग, स्पेशल मीटिंग, ग्रुप मीटिंग, बुट कैम्प मीटिंग - मीटिंग - मीटिंग - मीटिंग

मीटिंग का अर्थ क्या है - Meet - मिलना, और अग्रेंजी में "ING" तब लगाते हैं जब कार्य निरंतर होता है इसका मतलब लगातार मिलते रहना |
Post on : 11/15/2013 3:42:28 PM
 
 
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